Wednesday, March 25, 2009

चलें ऑक्सफोर्ड

दुनिया में ऐसी कई यूनिवर्सिटीज हैं, जिनका एक लंबा इतिहास रहा है। इनमें नालंदा और विक्रमशिला यूनिवर्सिटीज को कैसे भूल सकते हैं। दरअसल, ये वे यूनिवर्सिटीज हैं, जिनका इतिहास प्राचीन और गौरवशाली रहा है। कुछ ऐसी ही यूनिवर्सिटीज की तर्ज पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी भी प्राचीन या यूं कहें एक क्लासिक यूनिवर्सिटी है। अंग्रेजी भाषी देशों की इस सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी की स्थापना कब हुई? इसकी पुख्ता जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। हां, ऐसा जरूर माना जाता है कि इसका इतिहास लगभग आठ सौ वर्ष पुराना है। बहरहाल, ऑक्सफोर्ड की ऐसी कई विशेषताएं हैं, जिनकी वजह से यह टॉप टेन यूनिवर्सिटीज में गिना जाता है। अब यदि केवल आ‌र्ट्स स्ट्रीम की बात करें, तो हावर्ड, कैम्ब्रिज, येल, प्रिंसटन आदि यूनिवर्सिटी के साथ इसे टॉप टेन यूनिवर्सिटीज में अव्वल दर्जा प्राप्त है।
खालिस अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी
शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि खालिस अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी है ऑक्सफोर्ड। दरअसल, यहां की स्टूडेंट कम्युनिटी में दुनिया के अलग-अलग देशों (लगभग 138 देश) के स्टूडेंट्स शामिल हैं। इनकी संख्या यहां के कुल छात्रों की लगभग एक तिहाई है। लगभग पच्चीस ब्रिटिश प्रधानमंत्री और कम से कम इतने ही देशों के राजनयिकों, लेखकों, वैज्ञानिकों ने यहीं अपने ज्ञान को जाना-परखा और निखारा है। वहीं, भारतीय राजनयिक इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह के अलावा, बुकर अवॉर्ड विजेता विक्रम सेठ को ऑक्सफोर्ड के गौरवशाली एलुमनिज की लिस्ट में शामिल किया गया है।
असाधारण रिकॉर्ड
इस विश्व-विख्यात यूनिवर्सिटी की एलुमनि की सूची में कौन-कौन लोग शामिल हैं? यदि इस आधार पर देखें, तो ऑक्सफोर्ड का रिकॉर्ड बेहद असाधारण है। दरअसल, न केवल दुनिया के कई देशों के प्रधानमंत्री और राजनयिकों ने ऑक्सफोर्ड से पढाई की है, बल्कि यहां के एलुमनिज की जमात में लेखक, कवि, वैज्ञानिक भी शामिल हैं। केवल यही नहीं, 47 नोबेल प्राइज विनर्स, 50 के करीब ओलंपिक मेडल विजेताओं का जुडाव भी ऑक्सफोर्ड से ही रहा है। स्टीफन हॉकिंग, रिचर्ड डॉकिंस और प्रसिद्ध अभिनेता हू ग्रांट, केट बिंसले, डूडली मूर आदि वे नाम हैं, जिन्हें इसी व‌र्ल्ड फेम यूनिवर्सिटी से पढने का गौरव प्राप्त है।
तीन टर्म में होती है पढाई
ऑक्सफोर्ड में कब शुरू होता है एकेडमिक ईयर, आप यह जरूर जानना चाहेंगे! दरअसल, यहां एक एकेडमिक ईयर में तीन टर्म में पढाई होती है। और ये सभी एक खास रेगुलेशंस के तहत ही संचालित किए जाते हैं। इन सभी ट‌र्म्स को तीन अलग-अलग नामों से जाना जाता है। पहला, मिचेलमस टर्म-यह टर्म अॅक्टूबर से दिसंबर तक चलता है। दूसरा, हिलेरी टर्म, यह जनवरी से मार्च तक चलता है। तीसरे टर्म को ट्रिनिटी कहा जाता है। तीसरे टर्म यानी ट्रिनिटी की अवधि होती है-अप्रैल से जून तक।
यूकास के जरिए आवेदन
जहां तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिले की बात है, तो अंतरराष्ट्रीय कैंडिडेट्स को इसके लिए यूकास आवेदन दाखिल करना होता है। दाखिले के लिए छात्रों के एकेडमिक रिकॉर्ड और अंग्रेजी की बेहतर समझ को बारीकी से जांचा-परखा जाता है।
कुछ खास है..
आ‌र्ट्स हो या साइंस, यहां सभी विषयों में गहन रिसर्च को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है।
क्लासरूम टीचिंग के अलावा, ट्यूटोरियल कोचिंग की भी यहां व्यवस्था है। इसमें छात्रों को अपने व्यक्तिगत आइडियाज शेयर करने और उसे और समृद्ध करने का मौका मिलता है।
कुछ खास आ‌र्ट्स स्ट्रीम के विषयों मसलन, पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, म्यूजिक, इंग्लिश आदि की पढाई के लिए यह यूनिवर्सिटी विश्वविख्यात है।
कुछेक खासियतों की बात करें, तो यहां की लाइब्रेरी और म्यूजियम सहज ही आकर्षित करता है स्टूडेंट्स को और इसका श्रेय जाता है, यहां मौजूद किताबों व कला और पुरातत्व विज्ञान से जुडे दुर्लभ संग्रहों को।
लोकेशन : ऑक्सफोर्ड, इंग्लैंड, यूके
वेबसाइट : ox.ac.uk

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